श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 24: मुचुकुन्दका तपस्याके लिये प्रस्थान और बलरामजीकी व्रजयात्रा  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  5.24.17 
तथापि कच्चिदालापमिहागमनसंश्रयम्।
करोति कृष्णो वक्तव्यं भवता राम नानृतम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तथापि हे बलराम! मुझे सच-सच बताओ, क्या कृष्ण कभी यहाँ आने की बात करते हैं?॥17॥
 
However, Balarama! Tell me the truth, does Krishna ever talk about coming here?॥ 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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