| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 22: जरासन्धकी पराजय » श्लोक 10 |
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| | | | श्लोक 5.22.10  | पुनरप्याजगामाथ जरासन्धो बलान्वित:।
जितश्च रामकृष्णाभ्यामपक्रान्तो द्विजोत्तम॥ १०॥ | | | | | | अनुवाद | | हे भाई श्रेष्ठ! जरासंध पुनः उतनी ही सेना लेकर आया, किन्तु राम और कृष्ण से पराजित होकर भाग गया। | | | | O best of the two brothers! Jarasandha again came with the same number of troops, but was defeated by Rama and Krishna and fled. | | ✨ ai-generated | | |
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