जय गोविन्द चाणूरं जहि केशव दानवम्।
अन्तर्द्धानगता देवास्तमूचुरतिहर्षिता:॥ ७३॥
अनुवाद
और देवतागण बहुत प्रसन्न हुए और अदृश्य भाव से कहने लगे- "हे गोविन्द! आपकी जय हो। हे केशव! आप शीघ्र ही इस दैत्य चाणूर का वध कर दीजिए।"॥ 73॥
And the gods became very happy and started saying in an invisible way- "Oh Govind! Victory to you. Oh Keshav! You should kill this demon Chanur quickly."॥ 73॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥