श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 20: कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  5.20.63 
श्रीपराशर उवाच
इत्थं पुरस्त्रीलोकस्य वदतश्चालयन्भुवम्।
ववल्ग बद्धकक्ष्योऽन्तर्जनस्य भगवान‍्हरि:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - जब नगर की स्त्रियाँ इस प्रकार बातें कर रही थीं, तब भगवान श्रीकृष्ण कमर बाँधकर पृथ्वी को हिलाते हुए उन सब दर्शकों के बीच में कूद पड़े।
 
Sri Parashara said - While the women of the city were conversing in this manner, Lord Krishna girded His waist and jumped into the arena amidst all those spectators, shaking the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)