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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 19: भगवान् का मथुरा-प्रवेश, रजक-वध तथा मालीपर कृपा
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श्लोक 7
श्लोक
5.19.7
जगदेतन्महाश्चर्यरूपं यस्य महात्मन:।
तेनाश्चर्यपरेणाहं भवता कृष्ण सङ्गत:॥ ७॥
अनुवाद
हे कृष्ण! मैं आपसे मिला हूँ, आप परम आश्चर्य हैं, जो इस अद्भुत जगत के स्वरूप हैं।॥7॥
O Krishna! I have met you, the ultimate wonder, who is the manifestation of this wonderful world. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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