श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 16: केशि-वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.16.18 
अथाहान्तर्हितो विप्र नारदो जलदे स्थित:।
केशिनं निहतं दृष्ट्वा हर्षनिर्भरमानस:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण! उसे मरा हुआ देखकर बादलों के पीछे छिपे हुए श्री नारदजी प्रसन्नतापूर्वक बोले-॥18॥
 
O Brahmin! Seeing him dead, Shri Narada, who was hidden behind the clouds, said happily -॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)