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vishnu 5.15.20: हे दानपता! तुम्हारे अतिरिक्त ये सभी यादव मुझसे द्वेष रखते हैं, इसलिए मैं एक-एक करके उनका नाश करने का प्रयत्न करूँगा।   |   vishnu अध्याय 5.15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना   ।   vishnu अंश 5: पंचम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.15.20 
त्वामृते यादवाश्चैते द्विषो दानपते मम।
एतेषां च वधायाहं यतिष्येऽनुक्रमात्तत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे दानपता! तुम्हारे अतिरिक्त ये सभी यादव मुझसे द्वेष रखते हैं, इसलिए मैं एक-एक करके उनका नाश करने का प्रयत्न करूँगा।
 
O Danapata, except you all these Yadavas hate me, therefore I shall try to destroy them one by one.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)