श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 13: गोपोंद्वारा भगवान् का प्रभाववर्णन तथा भगवान् का गोपियोंके साथ रासक्रीडा करना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  5.13.43 
ततो ददृशुरायान्तं विकासिमुखपंकजम्।
गोप्यस्त्रैलोक्यगोप्तारं कृष्णमक्लिष्टचेष्टितम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
तभी गोपियों ने प्रसन्नचित्त त्रिभुवन रक्षक लीला विहारी श्रीकृष्णचन्द्र को वहाँ आते देखा। 43॥
 
Then the Gopis saw the happy-faced Tribhuvan protector Leela Vihari Shri Krishnachandra coming there. 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)