श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 12: शक्र-कृष्ण-संवाद, कृष्ण-स्तुति  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.12.18 
भारावतरणे साह्यं स ते वीर: करिष्यति।
संरक्षणीयो भवता यथात्मा मधुसूदन॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे मधुसूदन! वह वीर पुरुष पृथ्वी का भार उतारने में आपकी सहायता करेगा, अतः आप उसकी रक्षा अपने शरीर के समान करें।
 
O Madhusudan, that brave man will help you in relieving the burden of the earth, so you should protect him like your own body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)