Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 5.11.3: देखो, मूर्ख नन्दगोप अन्य गोपों के साथ कृष्ण की सहायता से अंधा हो गया है और उसने मेरे यज्ञ में विघ्न डाल दिया है॥3॥   |   vishnu अध्याय 5.11: इन्द्रका कोप और श्रीकृष्णका गोवर्धन-धारण   ।   vishnu अंश 5: पंचम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 11: इन्द्रका कोप और श्रीकृष्णका गोवर्धन-धारण  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.11.3 
नन्दगोपस्सुदुर्बुद्धिर्गोपैरन्यैस्सहायवान्।
कृष्णाश्रयबलाध्मातो मखभङ्गमचीकरत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
देखो, मूर्ख नन्दगोप अन्य गोपों के साथ कृष्ण की सहायता से अंधा हो गया है और उसने मेरे यज्ञ में विघ्न डाल दिया है॥3॥
 
Look, the foolish Nandagopa, along with other Gopas, has become blind with the help of Krishna and has disrupted my Yagya. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)