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vishnu 5.11.23: परंतु जब श्री कृष्णचन्द्र ने पर्वत धारण करके गोकुल की रक्षा की, तब इन्द्र ने अपनी प्रतिज्ञा व्यर्थ हो जाने के कारण बादलों को रोक दिया॥23॥   |   vishnu अध्याय 5.11: इन्द्रका कोप और श्रीकृष्णका गोवर्धन-धारण   ।   vishnu अंश 5: पंचम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 11: इन्द्रका कोप और श्रीकृष्णका गोवर्धन-धारण  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.11.23 
ततो धृते महाशैले परित्राते च गोकुले।
मिथ्याप्रतिज्ञो बलभिद्वारयामास तान‍्घनान्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
परंतु जब श्री कृष्णचन्द्र ने पर्वत धारण करके गोकुल की रक्षा की, तब इन्द्र ने अपनी प्रतिज्ञा व्यर्थ हो जाने के कारण बादलों को रोक दिया॥23॥
 
But when Shri Krishnachandra protected Gokul by holding the mountain, Indra stopped the clouds as his promise went in vain. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)