vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 10: शरद्वर्णन तथा गोवर्धनकी पूजा
»
श्लोक 41
श्लोक
5.10.41
एतन्मम मतं गोपास्सम्प्रीत्या क्रियते यदि।
तत: कृता भवेत्प्रीतिर्गवामद्रेस्तथा मम॥ ४१॥
अनुवाद
हे ग्वाल-बालों! यदि तुम सब लोग प्रेमपूर्वक मेरी सलाह के अनुसार आचरण करोगे, तो इससे गायों, गिरिराज भगवान और मुझे अत्यंत प्रसन्नता होगी।
O cowherds! If you all lovingly act according to my advice, then this will bring immense pleasure to the cows, Lord Giriraj and me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×