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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 10: शरद्वर्णन तथा गोवर्धनकी पूजा
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श्लोक 39
श्लोक
5.10.39
सर्वघोषस्य सन्दोहो गृह्यतां मा विचार्यताम्।
भोज्यन्तां तेन वै विप्रास्तथा ये चाभिवाञ्छका:॥ ३९॥
अनुवाद
आज समस्त व्रज से दूध एकत्रित करके ब्राह्मणों तथा अन्य भिखारियों को पिलाओ; इस विषय में आगे कुछ मत सोचो ॥39॥
Today collect milk from all of Vraja and feed it to brahmins and other beggars; do not think further about this matter. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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