श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 10: शरद‍्वर्णन तथा गोवर्धनकी पूजा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.10.1 
श्रीपराशर उवाच
तयोर्विहरतोरेवं रामकेशवयोर्व्रजे।
प्रावृड् व्यतीता विकसत्सरोजा चाभवच्छरत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - इस प्रकार जब राम और कृष्ण व्रज में विचरण कर रहे थे, तब वर्षा ऋतु बीत गई और कमलों से परिपूर्ण शरद ऋतु आ गई।
 
Sri Parashara said - Thus, while Rama and Krishna were roaming around in Vraja, the rainy season passed and the autumn season filled with blooming lotuses arrived.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)