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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम
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श्लोक 60
श्लोक
5.1.60
श्रीपराशर उवाच
एवं संस्तूयमानस्तु भगवान्परमेश्वर:।
उज्जहारात्मन: केशौ सितकृष्णौ महामुने॥ ६०॥
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - हे मुनिश्रेष्ठ! इस प्रकार स्तुति करने पर भगवान परमेश्वर ने अपने काले और सफेद दो बाल उखाड़ लिये ॥60॥
Shri Parasharji said – O great sage! On being praised in this way, Lord Parameshwara uprooted his two hairs, black and white. 60॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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