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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम
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श्लोक 20
श्लोक
5.1.20
ग्रहर्क्षतारकाचित्रगगनाग्निजलानिला:।
अहं च विषयाश्चैव सर्वं विष्णुमयं जगत्॥ २०॥
अनुवाद
आकाश, अग्नि, जल, वायु, मैं और इन्द्रियों के समस्त विषय, ग्रह, नक्षत्र और तारों से चित्रित - यह सम्पूर्ण जगत विष्णुमय है ॥20॥
The sky, fire, water, air, I and all the objects of the senses, depicted with planets, constellations and stars – this entire world is Vishnumay. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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