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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 8: काश्यवंशका वर्णन
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श्लोक 2
श्लोक
4.8.2
तस्यां च पञ्च पुत्रानुत्पादयामास॥ २॥ नहुषक्षत्रवृद्धरम्भरजिसंज्ञास्तथैवानेना: पञ्चम: पुत्रोऽभूत्॥ ३॥
अनुवाद
उससे उसके पाँच पुत्र हुए जिनके नाम क्रमशः नहुष, क्षत्रवृद्ध, रम्भ, रजि और अनेना थे॥2-3॥
From her he had five sons whose names were Nahush, Kshatravriddha, Rambha, Raji and Anena respectively.॥2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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