श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 6: सोमवंशका वर्णन; चन्द्रमा, बुध और पुरूरवाका चरित्र  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  4.6.38 
उभयमपि तन्मनस्कमनन्यदृष्टि परित्यक्तसमस्तान्यप्रयोजनमभूत्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वे दोनों एक दूसरे में मग्न हो गये और अन्य सब बातें भूल गये।
 
In this manner both of them became absorbed and engrossed in each other and forgot all other matters. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)