vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 4: चतुर्थ अंश
»
अध्याय 6: सोमवंशका वर्णन; चन्द्रमा, बुध और पुरूरवाका चरित्र
»
श्लोक 32
श्लोक
4.6.32
कथय वत्से कस्यायमात्मज: सोमस्य वा बृहस्पतेर्वा इत्युक्ता लज्जमानाह सोमस्येति॥ ३२॥
अनुवाद
"बेटी! मुझे ठीक-ठीक बताओ कि यह किसका पुत्र है - बृहस्पति का या चन्द्रमा का?" इस पर उसने शरमाते हुए उत्तर दिया - "चन्द्रमा का।" 32.
"Daughter! Tell me exactly whose son is this-Jupiter's or the Moon's?" To this he replied shyly-"Moon's." 32.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×