श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 5: निमि-चरित्र और निमिवंशका वर्णन  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  4.5.34 
प्रायेणैते आत्मविद्याश्रयिणो भूपाला भवन्ति॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
सामान्यतः ये सभी राजा आत्मज्ञान को आश्रय देने वाले ही हैं ॥34॥
 
Generally all these kings are those who give shelter to self-knowledge. ॥ 34॥
 
इति श्रीविष्णुपुराणे चतुर्थेंऽशे पञ्चमोऽध्याय:॥ ५॥
 
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd