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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय
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श्लोक 8
श्लोक
4.3.8
सा चैनं रसातलं नीतवती॥ ८॥
अनुवाद
तत्पश्चात् नर्मदा ने पुरुकुत्स को रसातल में पहुँचा दिया।
Thereafter Narmada brought Purukutsa to the abyss. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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