Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.3.7: यह सुनकर भगवान कृष्ण ने जलशायी को प्रणाम किया और सभी नाग राजा नागलोक लौट गए और नर्मदा [उनकी बहन और पुरुकुत्स की पत्नी] को पुरुकुत्स को लाने के लिए प्रेरित किया। | vishnu अध्याय 4.3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर भगवान कृष्ण ने जलशायी को प्रणाम किया और सभी नाग राजा नागलोक लौट गए और नर्मदा [उनकी बहन और पुरुकुत्स की पत्नी] को पुरुकुत्स को लाने के लिए प्रेरित किया।
On hearing this, Lord Krishna bowed to Jalshayi and all the Naga kings returned to Nagaloka and inspired Narmada [their sister and Purukutsa's wife] to bring Purukutsa.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥