श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  4.3.49 
सगरोऽपि स्वमधिष्ठानमागम्यास्खलितचक्रस्सप्तद्वीपवतीमिमामुर्वीं प्रशशास॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महाराज सगर अपनी राजधानी में आकर अजेय सेना के साथ सम्पूर्ण सप्तद्वीपवती पृथ्वी पर शासन करने लगे ॥49॥
 
Thereafter, Maharaj Sagar came to his capital and started ruling the entire Saptadvipavati earth with an invincible army. 49॥
 
इति श्रीविष्णुपुराणे चतुर्थेंऽशे तृतीयोऽध्याय:॥ ३॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)