श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  4.3.39 
अम्ब कथमत्र वयं क्व वा तातोऽस्माकमित्येवमादिपृच्छन्तं माता सर्वमेवावोचत्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
"माता! मुझे बताओ, हम लोग इस आश्रम में क्यों रहते हैं और हमारे पिता कहाँ हैं?" जब उसने इसी प्रकार के प्रश्न पूछे, तब उसकी माता ने उसे सब वृत्तांत कह सुनाया ॥39॥
 
"Mother! Tell me, why do we live in this hermitage and where is our father?" When he asked her similar questions, her mother told him the entire story. ॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)