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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय
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श्लोक 17
श्लोक
4.3.17
त्रसद्दस्युतस्सम्भूतोऽनरण्य:, यं रावणो दिग्विजये जघान॥ १७॥
अनुवाद
त्रसद्दस्यु से अनरण्य का जन्म हुआ, जिसे दिग्विजय के दौरान रावण ने मार डाला। 17.
From Trasaddasyu was born Anaranya, who was killed by Ravana during the Digvijaya. 17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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