श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  4.3.12 
अत्र च श्लोक:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इस विषय पर यह श्लोक भी है - ॥12॥
 
There is also this verse on this subject - ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)