श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  4.24.96 
तरुवल्कलपर्णचीरप्रावरणाश्चातिबहुप्रजाश्शीतवातातपवर्षसहाश्च भविष्यन्ति॥ ९६॥
 
 
अनुवाद
वृक्षों के पत्ते और छाल ही उनके वस्त्र होंगे, उनके अधिक बच्चे होंगे, सर्दी, हवा, गर्मी और वर्षा आदि से सभी लोग पीड़ित होंगे॥96॥
 
Leaves and bark of trees will be their clothes to wear and cover themselves. They will have more children. Everyone will suffer from cold, wind, heat and rain etc.॥ 96॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)