श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  4.24.73 
ततश्चानुदिनमल्पाल्पह्रासव्यवच्छेदाद्धर्मार्थयोर्जगतस्संङ्क्षयो भविष्यति॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
फिर जैसे-जैसे धर्म और धन दिन-प्रतिदिन क्षीण होते जाएँगे, वैसे-वैसे संसार का नाश होता जाएगा ॥ 73॥
 
Then, as religion and wealth will gradually diminish and deteriorate day by day, the world will be destroyed. ॥ 73॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)