श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 21: भविष्यमें होनेवाले राजाओंका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.21.9 
तस्याप्युष्ण: पुत्रो भविता॥ ९॥ उष्णाद्विचित्ररथ:॥ १०॥ तत: शुचिरथ:॥ ११॥ तस्माद्‍धृष्णिमांस्ततस्सुषेणस्तस्यापि सुनीथस्सुनीथान्नृपचक्षुस्तस्मादपि सुखावलस्तस्य च पारिप्लवस्ततश्च सुनयस्तस्यापि मेधावी॥ १२॥ मेधाविनो रिपुञ्जयस्ततो मृदुस्तस्माच्च तिग्मस्तस्माद्‍बृहद्रथो बृहद्रथाद्वसुदान:॥ १३॥ ततोऽपरश्शतानीक:॥ १४॥ तस्माच्चोदयन उदयनादहीनरस्ततश्च दण्डपाणिस्ततो निरमित्र:॥ १५॥ तस्माच्च क्षेमक:॥ १६॥ अत्रायं श्लोक:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
निचक्कु का पुत्र होगा उशना, उशना का विचित्ररथ, विचित्ररथक का शुचिरथ, शुचिरथक का वृष्णिमान, वृष्णिमांका का सुषेण, सुशेनक का सुनीथ, सुनितक का नृप, नृपका चक्षु, चक्षुका सुखवल, सुखवल्क परिप्लव, परिप्लवक सुनय, सुनायक मेधावी, मेधाविका रिपुंजय, रिपुंजय का मृदु, मृदुक का तिगम, तिगम का बृहद्रथ, बृहद्रथ का वसुदान, वसुदान का दूसरा शतानीक, शतानीक का उदयन, उदयन का अहिनार, अहिनरा का दंडपाणि, दंडपाणिक निरमित्र और निरमित्र का पुत्र क्षेमक होगा। इस संबंध में यह श्लोक प्रसिद्ध है-॥ 9-17॥
 
Nichaknu's son will be Ushna, Ushna will be Vichitrarath, Vichitrarathka Shuchirath, Shuchirathka Vrishniman, Vrishnimanka Sushen, Sushenka Sunith, Sunithka Nrip, Nripka Chakshu, Chakshuka Sukhaval, Sukhavalka Pariplava, Pariplavaka Sunay, Sunayaka Medhavi, Medhavika Ripunjaya, Ripunjay's Mridu, Mriduka's Tigam, Tigam's Brihadratha, Brihadrath's Vasudana, Vasudana's second Shatanika, Shatanika's Udayana, Udayana's Ahinar, Ahinara's Dandapani, Dandapaanika Niramitra and Niramitra's son will be Kshemaka. This verse is famous in this regard -॥ 9-17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)