श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 20: कुरुके वंशका वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  4.20.26 
असावपि देवापिर्वेदवादविरोधयुक्तिदूषितमनेकप्रकारं तानाह॥ २६॥
 
 
अनुवाद
परन्तु उस समय भगवान् ने नाना प्रकार की युक्तियों से वेदवाद के विरुद्ध भ्रष्ट बातें कहीं ॥26॥
 
But at that time the Lord spoke corruptly against Vedism with various tactics. 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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