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श्लोक 4.20.26  |
| असावपि देवापिर्वेदवादविरोधयुक्तिदूषितमनेकप्रकारं तानाह॥ २६॥ |
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| अनुवाद |
| परन्तु उस समय भगवान् ने नाना प्रकार की युक्तियों से वेदवाद के विरुद्ध भ्रष्ट बातें कहीं ॥26॥ |
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| But at that time the Lord spoke corruptly against Vedism with various tactics. 26॥ |
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