| श्री विष्णु पुराण » अंश 4: चतुर्थ अंश » अध्याय 20: कुरुके वंशका वर्णन » श्लोक 16 |
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| | | | श्लोक 4.20.16  | | ततश्च तमूचुर्ब्राह्मणा:॥ १६॥ अग्रजस्य ते हीयमवनिस्त्वया सम्भुज्यते अत: परिवेत्ता त्वमित्युक्तस्स राजा पुनस्तानपृच्छत्॥ १७॥ किं मयात्र विधेयमिति॥ १८॥ | | | | | | अनुवाद | | तब ब्राह्मणों ने उनसे कहा, ‘यह राज्य आपके बड़े भाई का है, परंतु आप इसका उपभोग कर रहे हैं; अतः आप ज्ञानी हैं।’ उनके ऐसा कहने पर राजा शान्तनु ने उनसे पुनः पूछा, ‘तो अब इस विषय में मुझे क्या करना चाहिए?’॥16-18॥ | | | | Then the Brahmins said to him, 'This kingdom belongs to your elder brother but you are enjoying it; therefore you are a knower.' On their saying so, King Shantanu asked them again, 'So what should I do in this regard now?'॥ 16-18॥ | | ✨ ai-generated | | |
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