श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 20: कुरुके वंशका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  4.20.1 
श्रीपराशर उवाच
परीक्षितो जनमेजयश्रुतसेनोग्रसेनभीमसेनाश्चत्वार: पुत्रा:॥ १॥ जह्नोस्तु सुरथो नामात्मजो बभूव॥ २॥
 
 
अनुवाद
श्री पाराशरजी ने कहा - [कुरुपुत्र] परीक्षित के जन्मेजय, श्रुतसेन, उग्रसेन और भीमसेन नामक चार पुत्र थे और जाह्नु के सुरथ नामक पुत्र था। 1-2॥
 
Shri Parasharji said - [Kuruputra] Parikshit had four sons named Janmejaya, Shrutasena, Ugrasen and Bhimsen, and Jahanu had a son named Surath. 1-2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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