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vishnu 4.2.84: मुझसे बचने का यह भी एक उपाय है । ‘वह बूढ़ा है, प्रौढ़ स्त्रियाँ भी उसे पसंद नहीं कर सकतीं, फिर युवतियों का क्या होगा ?’ ऐसा सोचकर राजा ने यह कहा है । अच्छा, ऐसा ही हो, मैं भी ऐसा ही करूँगा ।’ ऐसा सोचकर उसने मान्धाता से कहा -॥84॥   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  4.2.84 
अयमन्योऽस्मत्प्रत्याख्यानोपायो वृद्धोऽयमनभिमत: स्त्रीणां किमुत कन्यकानामित्यमुना सञ्चिन्त्यैतदभिहितमेवमस्तु तथा करिष्यामीति सञ्चिन्त्य मान्धातारमुवाच॥ ८४॥
 
 
अनुवाद
मुझसे बचने का यह भी एक उपाय है । ‘वह बूढ़ा है, प्रौढ़ स्त्रियाँ भी उसे पसंद नहीं कर सकतीं, फिर युवतियों का क्या होगा ?’ ऐसा सोचकर राजा ने यह कहा है । अच्छा, ऐसा ही हो, मैं भी ऐसा ही करूँगा ।’ ऐसा सोचकर उसने मान्धाता से कहा -॥84॥
 
This is another way to avoid me. 'He is old, even mature women cannot like him, then what about girls?' The king has said this thinking this. Well, so be it, I will also do the same.' Thinking all this, he said to Mandhaata -॥ 84॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)