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vishnu 4.2.81: सौभरि बोले, "हे राजन, आप चिंतित क्यों हैं? मैंने इसमें कोई असहनीय बात नहीं कही है; यदि हम उस कन्या से संतुष्ट हो सकते हैं जिसे हम आपको एक दिन देने के लिए बाध्य हैं, तो आप क्या प्राप्त नहीं कर सकते?"   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  4.2.81 
सौभरिरुवाच
नरेन्द्र कस्मात्समुपैषि चिन्ता-
मसह्यमुक्तं न मयात्र किञ्चित्।
यावश्यदेया तनया तयैव
कृतार्थता नो यदि किं न लब्धा॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
सौभरि बोले, "हे राजन, आप चिंतित क्यों हैं? मैंने इसमें कोई असहनीय बात नहीं कही है; यदि हम उस कन्या से संतुष्ट हो सकते हैं जिसे हम आपको एक दिन देने के लिए बाध्य हैं, तो आप क्या प्राप्त नहीं कर सकते?"
 
Saubhari said, "O king, why are you worried? I have not said anything unbearable in this; if we can be satisfied with the daughter who we are bound to give you one day, then what cannot you obtain?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)