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vishnu 4.2.79: हे राजन! आपकी पचास पुत्रियाँ हैं, उनमें से एक मुझे दे दीजिए। हे राजनश्रेष्ठ! इस समय मैं अपनी प्रार्थना भंग होने के भय से अत्यन्त दुःखी हो रहा हूँ।   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  4.2.79 
शतार्धसंख्यास्तव सन्ति कन्या-
स्तासां ममैकां नृपते प्रयच्छ।
यत्प्रार्थनाभङ्गभयाद‍‍्बिभेमि
तस्मादहं राजवरातिदु:खात्॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! आपकी पचास पुत्रियाँ हैं, उनमें से एक मुझे दे दीजिए। हे राजनश्रेष्ठ! इस समय मैं अपनी प्रार्थना भंग होने के भय से अत्यन्त दुःखी हो रहा हूँ।
 
O King! You have fifty daughters, give me just one of them. O best of kings! At this moment I am feeling very sad due to the fear of my prayers being interrupted. 79.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)