Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 4.2.78: हे मान्धाता! इस पृथ्वी पर और भी बहुत से राजा हैं और उनकी भी पुत्रियाँ हैं; किन्तु केवल आपका ही प्रशंसनीय कुल है जो भिखारियों को दान देने के नियम पर अडिग है।   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  4.2.78 
अन्येऽपि सन्त्येव नृपा: पृथिव्यां
मान्धातरेषां तनया: प्रसूता:।
किं त्वर्थिनामर्थितदानदीक्षा-
कृतव्रतं श्लाघ्यमिदं कुलं ते॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
हे मान्धाता! इस पृथ्वी पर और भी बहुत से राजा हैं और उनकी भी पुत्रियाँ हैं; किन्तु केवल आपका ही प्रशंसनीय कुल है जो भिखारियों को दान देने के नियम पर अडिग है।
 
O Mandhaata, there are many other kings on this earth and they too have daughters; but it is only your praiseworthy clan that is steadfast in the rule of giving gifts to beggars. 78.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)