Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.2.77: सौभरि बोले, "हे राजन! मुझे पुत्री की इच्छा है, अतः आप मुझे पुत्री प्रदान करें; मेरा प्रेम भंग न करें। जो भी व्यक्ति ककुत्स्थ कुल में किसी कार्य से आता है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता।" 77 | vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौभरिरुवाच
निवेष्टुकामोऽस्मि नरेन्द्र कन्यां
प्रयच्छ मे मा प्रणयं विभाङ्क्षी:।
न ह्यर्थिन: कार्यवशादुपेता:
ककुत्स्थवंशे विमुखा: प्रयान्ति॥ ७७॥
अनुवाद
सौभरि बोले, "हे राजन! मुझे पुत्री की इच्छा है, अतः आप मुझे पुत्री प्रदान करें; मेरा प्रेम भंग न करें। जो भी व्यक्ति ककुत्स्थ कुल में किसी कार्य से आता है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता।" 77
Saubhari said, "O King! I desire to have a daughter, so give me a daughter; do not break my love. Any person who comes to the Kakutstha clan for some work never returns empty-handed." 77
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥