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vishnu 4.2.75: हम भी इसी प्रकार अपने पुत्रों के साथ आनन्ददायक क्रीड़ा करेंगे।’ ऐसी इच्छा से वे जल से बाहर निकले और सन्तान प्राप्ति हेतु गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने की इच्छा से राजा मान्धाता के पास पुत्री को गोद लेने के लिए आये।   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  4.2.75 
वयमप्येवं पुत्रादिभिस्सह ललितं रंस्यामहे इत्येवमभिकाङ्क्षन् स तस्मादन्तर्जलान्निष्क्रम्य सन्तानाय निवेष्टुकाम: कन्यार्थं मान्धातारं राजानमगच्छत्॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
हम भी इसी प्रकार अपने पुत्रों के साथ आनन्ददायक क्रीड़ा करेंगे।’ ऐसी इच्छा से वे जल से बाहर निकले और सन्तान प्राप्ति हेतु गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने की इच्छा से राजा मान्धाता के पास पुत्री को गोद लेने के लिए आये।
 
We too shall likewise indulge in most delightful games with our sons.' With this desire in mind, they emerged from the water and, with the desire of entering the householder stage for the sake of having children, came to King Mandhaata to adopt the daughter.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)