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vishnu 4.2.71: उसके पुत्र, पौत्र, पौत्रियाँ आदि उसके चारों ओर, उसके पंख, पूँछ और सिर पर घूमते हुए, दिन-रात उसके साथ बड़े आनन्द से खेलते थे।   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  4.2.71 
तस्य च पुत्रपौत्रदौहित्रा: पृष्ठतोऽग्रत: पार्श्वयो: पक्षपुच्छशिरसां चोपरि भ्रमन्तस्तेनैव सदाहर्निशमतिनिर्वृता रेमिरे॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
उसके पुत्र, पौत्र, पौत्रियाँ आदि उसके चारों ओर, उसके पंख, पूँछ और सिर पर घूमते हुए, दिन-रात उसके साथ बड़े आनन्द से खेलते थे।
 
His sons, grandsons and granddaughters, etc., revolving around him, on his wings, tail and head, played with him day and night, with great joy. 71.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)