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vishnu 4.2.5: नाभाग के पुत्र का नाम नाभाग था, नाभाग के पुत्र का नाम अम्बरीष था और अम्बरीष के पुत्र का नाम विरूप था। विरूप से पृषदश्व और उससे रथीतर उत्पन्न हुए। 5-9।   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  4.2.5 
नाभागस्यात्मजो नाभागसंज्ञोऽभवत्॥ ५॥ तस्याप्यम्बरीष:॥ ६॥ अम्बरीषस्यापि विरूपोऽभवत्॥ ७॥ विरूपात्पृषदश्वो जज्ञे॥ ८॥ ततश्च रथीतर:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
नाभाग के पुत्र का नाम नाभाग था, नाभाग के पुत्र का नाम अम्बरीष था और अम्बरीष के पुत्र का नाम विरूप था। विरूप से पृषदश्व और उससे रथीतर उत्पन्न हुए। 5-9।
 
Naabhaag had a son named Naabhaag, Naabhaag had Ambarish and Ambarish had a son named Virup. From Virup was born Prshadashwa and from him was born Rathitar. 5-9.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)