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vishnu 4.2.49: युवनाश्व निःसन्तान होने के कारण दुःखी मन से मुनीश्वर के आश्रम में रहता था; उसके दुःख से द्रवित होकर दयालु ऋषियों ने उसके लिए पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ अनुष्ठान किया ॥49॥   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  4.2.49 
तस्य चापुत्रस्यातिनिर्वेदान्मुनीनामाश्रममण्डले निवसतो दयालुभिर्मुनिभिरपत्योत्पादनायेष्टि: कृता॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
युवनाश्व निःसन्तान होने के कारण दुःखी मन से मुनीश्वर के आश्रम में रहता था; उसके दुःख से द्रवित होकर दयालु ऋषियों ने उसके लिए पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ अनुष्ठान किया ॥49॥
 
Yuvanashva, being childless, used to stay in the ashrams of Munishwar with a sad heart; Moved by her grief, the kind-hearted sages performed a yagya ritual for her to have a son. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)