Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.2.38: शावस्त से बृहदश्व उत्पन्न हुए और बृहदश्व से कुवलयाश्व उत्पन्न हुए, जिन्होंने वैष्णव गुणों की पूर्ण महिमा प्राप्त करके अपने इक्कीस हजार पुत्रों के साथ महर्षि उदक के शत्रु धुंधु नामक राक्षस का वध किया; इसलिए उनका नाम धुंधुमार पड़ा। | vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शावस्त से बृहदश्व उत्पन्न हुए और बृहदश्व से कुवलयाश्व उत्पन्न हुए, जिन्होंने वैष्णव गुणों की पूर्ण महिमा प्राप्त करके अपने इक्कीस हजार पुत्रों के साथ महर्षि उदक के शत्रु धुंधु नामक राक्षस का वध किया; इसलिए उनका नाम धुंधुमार पड़ा।
From Shavast was born Brihadashva, and from Brihadashva was born Kuvalayasva, who, having attained the full glory of Vaishnavite qualities, along with his twenty-one thousand sons, killed the demon named Dhundhu, who was an enemy of the great sage Udaka; hence his name became Dhundhumar.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥