Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.2.126: अब मैं सबकी उत्पत्ति करने वाले, अचिन्त्य रूप, परमाणुओं में सूक्ष्मतम, सत्व और तम के महानतम स्वरूप तथा समस्त देवताओं के भी ईश्वर भगवान विष्णु की तपस्या और पूजा करूँगा॥126॥ | vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब मैं सबकी उत्पत्ति करने वाले, अचिन्त्य रूप, परमाणुओं में सूक्ष्मतम, सत्व और तम के महानतम स्वरूप तथा समस्त देवताओं के भी ईश्वर भगवान विष्णु की तपस्या और पूजा करूँगा॥126॥
Now I will do penance and worship Lord Vishnu, the creator of everything, the form of the unthinkable, the smallest of the atoms and the greatest form of Sattva and Tamah and the God of all gods. 126॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥