Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.2.122: अब भविष्य में पुत्रों के पुत्रों और उनके पुत्रों के साथ बार-बार विवाह करने से यह और भी अधिक बढ़ेगा। यह आसक्ति रूपी वैवाहिक सम्बन्ध निश्चय ही महान दुःख का कारण है॥122॥ | vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब भविष्य में पुत्रों के पुत्रों और उनके पुत्रों के साथ बार-बार विवाह करने से यह और भी अधिक बढ़ेगा। यह आसक्ति रूपी वैवाहिक सम्बन्ध निश्चय ही महान दुःख का कारण है॥122॥
Now, in the future, it will increase even more by marrying the sons of the sons and their sons again and again. This marital relationship of attachment is certainly the cause of great sorrow.॥ 122॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥