Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.2.119: अब मैं पूर्णतः समझ गया हूँ कि इच्छाएँ मृत्युपर्यन्त समाप्त नहीं होंगी और जो मन इच्छाओं में आसक्त है, वह कभी भी आध्यात्मिक कार्यों में नहीं लग सकता ॥119॥ | vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब मैं पूर्णतः समझ गया हूँ कि इच्छाएँ मृत्युपर्यन्त समाप्त नहीं होंगी और जो मन इच्छाओं में आसक्त है, वह कभी भी आध्यात्मिक कार्यों में नहीं लग सकता ॥119॥
I have now fully understood that desires will not end until death and the mind which is attached to desires can never be engaged in spiritual pursuits. ॥ 119॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥