Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.2.110: और सबने वैसा ही उत्तर दिया। अन्त में हर्ष और आश्चर्य से विह्वल होकर एकान्त में स्थित भगवान सौभरि की वन्दना करके उन्होंने उनसे कहा -॥110॥ | vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
और सबने वैसा ही उत्तर दिया। अन्त में हर्ष और आश्चर्य से विह्वल होकर एकान्त में स्थित भगवान सौभरि की वन्दना करके उन्होंने उनसे कहा -॥110॥
And all of them replied in the same manner. At last, overwhelmed with joy and wonder, after worshipping Lord Saubhari who was in solitude, he said to him -॥110॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥