Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 4.2.108: इससे मेरी बहनें बहुत दुःखी होंगी। यही मेरे महान दुःख का कारण है।'' उसके ऐसा कहने पर राजा दूसरे महल में आया और अपनी पुत्री को गले लगा लिया और आसन पर बैठाकर उससे उसी प्रकार पूछा॥108॥   |   vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 108
 
 
श्लोक  4.2.108 
एवं च मम सोदर्योऽतिदु:खिता इत्येवमतिदु:खकारणमित्युक्तस्तया द्वितीयं प्रासादमुपेत्य स्वतनयां परिष्वज्योपविष्टस्तथैव पृष्टवान‍्॥ १०८॥
 
 
अनुवाद
इससे मेरी बहनें बहुत दुःखी होंगी। यही मेरे महान दुःख का कारण है।'' उसके ऐसा कहने पर राजा दूसरे महल में आया और अपनी पुत्री को गले लगा लिया और आसन पर बैठाकर उससे उसी प्रकार पूछा॥108॥
 
Because of this my sisters will be very sad. This is the reason for my great sorrow.'' On her saying this the king came to the other palace and embraced his daughter and after sitting on the seat asked her in the same manner.॥ 108॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)