श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 18: अनुवंश  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.18.13 
यस्य क्षेत्रे दीर्घतमसाङ्गवङ्गकलिङ्गसुह्मपौण्ड्राख्यं वालेयं क्षत्रमजन्यत॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इस कन्या (रानी) के राज्य में दीर्घतमा नामक ऋषि ने अंग, वंग, कलिंग, सुह्म और पौण्ड्र नामक पाँच क्षत्रिय उत्पन्न किये।13.
 
In the area of ​​this girl (queen) a sage named Dirghatama produced five Kshatriyas named Anga, Vanga, Kalinga, Suhm and Paundra. 13.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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