श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 16: तुर्वसुके वंशका वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.16.6 
एवं ययातिशापात्तद्वंश: पौरवमेव वंशं समाश्रितवान‍्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार ययाति के शाप के कारण तुर्वसु के वंशजों ने पुरु वंश में शरण ली।
 
Thus, due to the curse of Yayati, the descendants of Turvasu took shelter in the Puru dynasty. 6.
 
इति श्रीविष्णुपुराणे चतुर्थेंऽशे षोडशोऽध्याय:॥ १६॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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