श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 16: तुर्वसुके वंशका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  4.16.3 
तुर्वसोर्वह्निरात्मज:, वह्नेर्भार्गो भार्गाद्भानुस्ततश्च त्रयीसानुस्तस्माच्च करन्दमस्तस्यापि मरुत्त:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
तुर्वसु का पुत्र वह्नि, वह्निक भर्ग, भार्गक का भानु, भानुक का त्रयीसनु, त्रयिसनु का पुत्र करंदम और करंदम का पुत्र मरुत्त था। 3॥
 
Turvasu's son was Vahni, Vahnika Bharga, Bhargaka Bhanu, Bhanuka's Trayisanu, Trayisanu's son Karandam and Karandam's son was Marutta. 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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